दोस्तो आपने अपने जीवन मे अनेको बिज़नेस देखे होंगे, मैं एक साधारण और बहुत ही महत्वपूर्ण बिज़नेस सरकार के साथ कैसे किया जा सकता है उसके बारे में आज बताऊंगा।
दोस्तो,सरकारी संस्थाओं में भी सारी पार्ट्स नही बनती है और सरकार भी उन्हें भी बाहर से ख़रीदती है जैसे नट,बोल्ट, वासर, पेंट, कील, स्क्रू ऐसे लाखो चीजे.. और यकीन मानिए इसे आप भी सप्लाई कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
परिचय
दोस्तो, देश मे जितने भी रेलवे के कारखाने है मसलन मालगाड़ी सवारी बोगी मरम्मत करने के उन सभी कारखाने में कई छोटे छोटे वर्कशॉप या सेक्शन में डिवाइड किया रहता है, मसलन पाइप फिटिंग के सेक्शन, दरवाजे और खिड़की बनाने के सेक्शन, टैंक सेक्शन, इलेक्ट्रिक सेक्शन, एयर कंडीशन,गद्दे बनाने के, रंग करने के लिए.. मतलब हर कारखाने में कम से कम 10-15 सेक्शन होते ही है।
इस प्रत्येक सेक्शन के हेड होते हैं SSE यानि कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर।
दोस्तो इन सभी सेक्शन इंजीनियर की क्षमता प्रत्येक माह 50 हज़ार तक की खरीदारी की होती है। मतलब ये सभी इंजीनियर को इमरजेंसी जरूरत पड़ने पर 50 हज़ार रुपये तक कि क्षमता होती है।
इमरजेंसी या imprest purchase कब होता है?
दोस्तो, रेलवे का अपना ही नियम है अगर मान लीजिए किसी सेक्शन के इंजीनियर को 50 kg nut bolt की जरूरत पड़ गई तो वो पहले एक इंडेंट बनाएगा फ़िर उसे एकाउंट ऑफिस में भेजेगा, फ़िर एकाउंट सेक्शन वाले उनकी जरूरत को पूरा करने के लिए अपने सीनियर अध्यक्ष को भेजेगा फिर एकाउंट डिपार्टमेंट की सारी फॉर्मेलिटी करने के बाद उसे वो स्टोर डिपार्टमेंट में भेजेगा,फिर स्टोर डिपार्टमेंट वाले इसकी टेंडर निकलेंगे.. और फिर महीने दो महीने में माल की आपूर्ति होंगी।
दोस्तो, रेलवे को छोटी से छोटी चीज खरीदने के लिए काफी समय लग जाते हैं, जिसे उनका प्रोडक्शन रुक जाता है जिससे रेलवे को नुकसान हो सकता है। अतः रेल विभाग ने इस एमरजेंसी कैश परचेस का एक तरीका निकाला है जो (SSE) सीनियर सेक्शन इंजीनियर के हाथों में होता है। जिसे रेलवे की भाषा मे इम्प्रेस्ट कैश परचेस कहते हैं।
आप को करना क्या है
दोस्तो अब आपको एक काम करना होगा आप अपना पहले एक विजिटिंग कार्ड बना लीजिए और कुछ चालान और बिल भी, अब आप रेलवे के प्रत्येक सेक्शन के इंजीनियर(SSE) से मिलिए और अपना परिचय दे कर उनसे कहिये कि मैं माल देना चाहता हूं, दो चार बार विजिट करने के बाद जब इंजीनियर आपको पहचान जाएंगे और समझ जाएंगे कि आप सिंसियर है तो आपको आर्डर दे देंगे, मान लीजिये आपको इंजीनियर ने कहा कि 1000 pcs नट बोल्ट लाना है, तो आप एक सेम्पल जरूर ले लीजियेगा कोई भी समान हो उसका एक सेम्पल आपको काफी परेशानी से बचा सकती है क्योंकि रेलवे की माल का स्टैंडर्ड बाजार की स्टैंडर्ड से अलग होता है।
यदि किसी कारण से आपको सेम्पल न मिले तो आप मटीरियल का डिस्क्रिप्शन और फ़ोटो जरूर ले लीजियेगा, इससे आपको परेशानी कम होगी और काम भी पक्का होगा।
पेमेंट कैसे होगा ?
दोस्तो माल देने के बाद उसमे अपना प्रॉफिट जोड़ कर आप SSE को डायरेक्ट बिल जमा दे सकते हैं, प्रॉफिट का ratio या परसेंटेज कितना होगा यह आप SSE से ही पूछ सकते हैं क्योंकि ये काम कोई न कोई करता ही होगा या इमरजेंसी में SSE खुद ही माल ला कर कई बार रेलवे को दे देते हैं। अगर SSE न बता पाए तो आप सुरुआती दौर में 20-30 परसेंट तक जोड़ कर बिल जमा कर सकते हैं।
दोस्तो, बिल कई बार SSE ख़ुद ही जमा ले कर आपको एक निर्दिष्ट समय मे बुला सकती है पेमेंट के लिए, अमूमन यह समय 30 से 45 दिन का होता है।
दोस्तो अगर SSE बिल ख़ुद जमा न ले कर अगर एकाउंट में आपको भेज दे तो और अच्छी बात होगी,तब आप रेलवे की बारीकियों को और भी बेहतर ढंग समझ सकते हैं,दोस्तो,यहारेलवे में माल देने के अपेक्षा मैं वहाँ के नियम कानून को समझने में ज्यादा जोड़ दूंगा क्योंकि एक बार अगर आप रेलवे के तौर तरीके को अगर ढंग से समझ लेते हैं तो फ़िर आप भविष्य में बड़ी से बड़ी काम को आसानी से कर सकते हैं और जैसा कि आप सभी जानते हैं कि रेलवे की अपार क्षमता है माल ख़रीदने की।
दोस्तो मैंने जो अभी ऊपर इम्प्रेस्ट परचेस की सिस्टम की चर्चा आपसे की वो रेलवे में सबसे छोटा काम है लेकिन उनलोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण जो सुरुवात करना चाहते हैं, दोस्तो अगर रेलवे में बड़ी से बड़ी काम करना चाहते हैं और आप इस फील्ड में अगर बिल्कुल नए है तो मेरा यह सजेशन है कि आप अपना काम इम्प्रेस्ट परचेस से शुरू करे इससे रेलवे कल्चर और माल से पेमेंट से संबंधित लोग और तौर तरीके का बेहतरीन आईडिया हो जाएगा।
दोस्तो मार्किट में बड़े बड़े बिज़नेस मैन है जिनके पास अच्छी पूंजी भी है वो भी चाहते हैं कि रेलवे में माल दे लेकिन जानकारी के अभाव में डर से नही दे पाते, अगर आप इम्प्रेस्ट परचेस शुरू करते हैं तो यकीन माने भविष्य में आप रेल छोड़ कर कही नही जाइयेगा क्योंकि यहां अपार पैसा और संभावना है।
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